IMF रिपोर्ट का दावा, बेरोजगारी और आर्थिक सुस्ती की वजह से कई देशों में नहीं है शांति

आईएमएफ के मुताबिक इन देशों की वृद्धि दर इतनी कम है कि इससे बेरोजगारी की समस्या से निपटना मुश्किल है। आईएमएफ के मुताबिक युवाओं के स्तर पर बेरोजगारी की दर 25 से 30 फीसदी है।

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नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (IMF) ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया है कि बेरोजगारी और सुस्त आर्थिक वृद्धि की वजह से खाड़ी के कई देशों में समाजिक तनाव और अशांति लगातार बढ़ती जा रही है। आईएमएफ की क्षेत्रीय आर्थिक परिदृश्य की रिपोर्ट में कहा गया है कि अशांति की वजह से पश्चिम एशिया और उत्तरी अफ्रीका क्षेत्र की वृद्धि दर प्रभावित हुई है। इसके अलावा वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार चढ़ाव और ब्रेक्जिट की प्रक्रिया सही तरीके से नहीं होने के कारण से भी इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था सुस्त पड़ी है। इससे पहले भी इसी नहीने में आईएमएफ ने 2019 के लिए क्षेत्र की वृद्धि दर के अनुमान को घटा दिया था।

आईएमएफ ने खाड़ी देशों और ईरान की वृद्धि दर का अनुमान पिछले साल के 1.1 प्रतिशत से घटाकर मात्र 0.1 प्रतिशत कर दिया था। आईएमएफ ने क्षेत्र की तीन बड़ी अर्थव्यवस्थाओं सऊदी अरब, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की वृद्धि दर के अनुमान को कम किया है। आईएमएफ के मुताबिक इन देशों की वृद्धि दर इतनी कम है कि इससे बेरोजगारी की समस्या से निपटना मुश्किल है। आईएमएफ के मुताबिक युवाओं के स्तर पर बेरोजगारी की दर 25 से 30 फीसदी है। बेरोजगारी की समस्या को हल करने के लिए क्षेत्र में वृद्धि दर 1 से 2 फीसदी अधिक होनी चाहिए। आईएमएफ की रिपोर्ट में इस बात का ज़िक्र किया गया है कि बेरोजगारी की ऊंची दर की वजह से खाड़ी देशों में सामाजिक तनाव बढ़ रहा है।

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