टेरर फंडिंग पर FATF सख्त, कहा – कई आतंकी समूहों को अभी भी समर्थकों से मिल रहा है धन

पाकिस्तान का नाम लिए बिना एफएटीएफ ने एक बयान जारी कर कहा है कि आतंकवादी धन पाने के लिए विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल करते हैं, इसमें नए अनुयायियों की पहचान के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल और उनसे धन की मांग शामिल है।

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नई दिल्ली: वित्तीय कार्रवाई कार्य बल यानि एफएटीएफ ने एकबार फिर टेरर फंडिंग को लेकर चिंता जाहिर की है और कहा है कि कई संस्थाओं द्वारा आतंक के वित्त पोषण पर सख्ती के बावजूद गैरकानूनी गतिविधियों और दुनिया भर में समर्थकों से जुटाए गए धन से कई आतंकवादी समूहों को अभी भी फायदा मिल रहा है। वहीं इस बारे में भारत का कहना है कि पाकिस्तान लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी), जैश-ए-मोहम्मद (जेएम) और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकवादी समूहों को नियमित रूप से समर्थन मिल रहा है, जिनका मुख्य निशाना भारत है। भारत ने एफएटीएफ से इस्लामाबाद के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अनुरोध किया है। अब पेरिस में सप्ताह भर चलने वाली एफएटीएफ की अहम बैठक में तय होगा कि पाकिस्तान संस्था की ‘ग्रे सूची’ में बना रहेगा या उसे ‘काली सूची’ में डाला जाएगा या फिर पाकिस्तान को इन सूचियों से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा। 

हालांकि पाकिस्तान का नाम लिए बिना एफएटीएफ ने एक बयान जारी कर कहा है कि आतंकवादी धन पाने के लिए विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल करते हैं, इसमें नए अनुयायियों की पहचान के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल और उनसे धन की मांग शामिल है। एफएटीएफ का कहना है कि एफएटीएफ ने आतंक के वित्तपोषण पर मानकों को सख्त बनाया है, जिससे आईएसआईएल और अल-कायदा जैसे समूहों की धन तक पहुंच घटाने में मदद मिली है। हालांकि विभिन्न समूह अभी भी गैरकानूनी गतिविधियों और दुनिया भर में समर्थकों से धन जुटा रहे हैं।